Friday, 12 February 2010

संस्कार भारती के समागम में 4 राज्यों के सांस्कृतिक दल का जमावड़ा मुजफ्फरपुर

संस्कार भारती के समागम में 4 राज्यों के सांस्कृतिक दल का जमावड़ा मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता : पूर्वोत्तर राज्यों की आम जनता में हिन्दी भाषियों के प्रति कोई द्वेष नहीं है। आप-हम भारतीय परिवार के सदस्य हैं। आपलोगों का सिक्किम, अरुणाचल, मणिपुर और असम में स्वागत है। सांस्कृतिक समागम से हमारी भावनात्मक लय और विराट हो जाएगी। उक्त बातें पूर्वोत्तर राज्यों से आए सांस्कृतिक दलों के प्रमुख मणिपुर की रूपा श्री, सिक्किम की ललिता लांबा, अरुणाचल की वामिन रीता व असम के चित्रकार मणि बारदोलोई ने कही। अभिनेत्री व नृत्यांगना रूपा श्री ने कहा कि किसी भी राज्य की जनता हिन्दी भाषा और बिहारियों के प्रति द्वेष नहीं रखती है। प्राकृतिक सौंदर्य व सहजता के बीच रहने वाली उक्त राज्यों की जनता कभी मानवता के विरुद्ध नहीं जा सकती है। अलगाववादी व उग्रवादी तत्व पूरी जनता का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। जनता का सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व तो हम कर रहे हैं और हमारी कला व सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन इस बात को प्रमाणित भी कर देंगे। सोमवार को सांस्कृतिक महोत्सव का मुख्य आकर्षण, रास, लोक नृत्य और मार्शल आर्ट में तलवारबाजी आदि रहेगा। सांस्कृतिक समागम संस्कार भारती के तत्वावधान में हुआ। बंसल भवन में आयोजित सांस्कृतिक समागम का उद्घाटन संस्कार भारती के प्रदेश अध्यक्ष व प्रसिद्ध गीतकार डा. शिवदास पाण्डेय ने किया। महानगर अध्यक्ष डा. संजय पंकज ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक राजधानी में आपका स्वागत है। सांस्कृतिक समागम में स्वागताध्यक्ष भारत भूषण ने सभी का स्वागत करते हुए सोमवार को होने वाले कार्यक्रम की सफलता की कामना की। संचालन गणेश प्रसाद सिंह ने किया व संयोजक राजीव कुमार ने आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वनाथ प्रसाद सिंह, अशोक तिवारी, भोला शंकर, सतीश कर्ण, जितेन्द्र कुमार, ने आयोजन की सफलता व आए अतिथियों के प्रति कृतज्ञता जताई। शहर के कलाकारों व गणमान्य लोगों में नंदलाल मिश्र, सिद्धिशंकर मिश्र, राकेश मिश्र, ऊषा, अर्चना, पल्लवी, पिंकी, अमरेन्द्र तिवारी, संतोष आदि मौजूद रहे। समागम का समापन वंदे मातरम् से हुआ। पूर्वोत्तर की जनता में नहीं है द्वेष

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